होम पंचांग वाराणसी पंचांग — शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

दृक् गणित · लाहिड़ी अयनांश · IST · 25.3176, 82.9739

पंचांग के पाँच अंग
तिथि
कृष्ण द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
योग
सिद्धि
करण
तैतिल
वार
शनिवार
सूर्योदय 06:33 AM
सूर्यास्त 05:51 PM

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त
सूर्योदय 06:33 AM
सूर्यास्त 05:51 PM
अशुभ काल
राहु काल 09:22 AM – 10:47 AM

चौघड़िया मुहूर्त

अमृत · शुभ · लाभ · चर शुभ माने जाते हैं। काल · रोग · उद्वेग से बचें।

दिन का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
काल 06:33 AM – 07:58 AM
शुभ 07:58 AM – 09:22 AM
रोग 09:22 AM – 10:47 AM
उद्वेग 10:47 AM – 12:12 PM
चर 12:12 PM – 01:37 PM
लाभ 01:37 PM – 03:01 PM
अमृत 03:01 PM – 04:26 PM
काल 04:26 PM – 05:51 PM
रात का चौघड़िया
रात का चौघड़िया
लाभ 05:51 PM – 07:26 PM
अमृत 07:26 PM – 09:01 PM
काल 09:01 PM – 10:36 PM
शुभ 10:36 PM – 12:12 AM
रोग 12:12 AM – 01:47 AM
उद्वेग 01:47 AM – 03:22 AM
चर 03:22 AM – 04:57 AM
लाभ 04:57 AM – 06:32 AM

अपने शहर व तिथि का पंचांग देखें

इंटरैक्टिव पंचांग में शहर बदलें, कोई भी तिथि चुनें और मुहूर्त विस्तार से देखें।

इंटरैक्टिव पंचांग खोलें →

संवत् एवं कैलेंडर विवरण

संवत् एवं कैलेंडर विवरण
विक्रम संवत 2082
मास फाल्गुन
पक्ष कृष्ण
प्रविष्टे 2

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज 14 फ़रवरी 2026 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

आज वाराणसी में तिथि कृष्ण द्वादशी है।

आज कौन सा नक्षत्र है?

आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है और योग सिद्धि है।

यह पंचांग कैसे बनाया जाता है?

यह पंचांग दृक् गणित और लाहिड़ी अयनांश पर आधारित है। गणना स्विस एफेमेरिस से की जाती है और IST में प्रस्तुत की जाती है।

🕉
कौन गणना करता है

हिमालय के एक परंपरागत पुरोहित एवं ज्योतिष परिवार द्वारा।

हमारा पंचांग दृक् गणित से बनता है और शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों पर आधारित है। हम स्वयं अनुष्ठान कराते हैं और यही पंचांग अपने यजमानों के लिए उपयोग करते हैं।

हिमालयी ज्योतिष परंपरा शास्त्रीय स्रोत पारदर्शी भविष्यवाणी

अपडेट: 5 अगस्त 2026, 22:38 IST