होम पंचांग जयपुर पंचांग — बुधवार, 11 मार्च 2026

दृक् गणित · लाहिड़ी अयनांश · IST · 26.9124, 75.7873

पंचांग के पाँच अंग
तिथि
कृष्ण अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
वज्र
करण
बालव
वार
बुधवार
सूर्योदय 06:40 AM
सूर्यास्त 06:33 PM

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त
सूर्योदय 06:40 AM
सूर्यास्त 06:33 PM
अशुभ काल
राहु काल 12:37 PM – 02:06 PM

चौघड़िया मुहूर्त

अमृत · शुभ · लाभ · चर शुभ माने जाते हैं। काल · रोग · उद्वेग से बचें।

दिन का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
लाभ 06:40 AM – 08:09 AM
अमृत 08:09 AM – 09:38 AM
काल 09:38 AM – 11:07 AM
शुभ 11:07 AM – 12:37 PM
रोग 12:37 PM – 02:06 PM
उद्वेग 02:06 PM – 03:35 PM
चर 03:35 PM – 05:04 PM
लाभ 05:04 PM – 06:33 PM
रात का चौघड़िया
रात का चौघड़िया
उद्वेग 06:33 PM – 08:04 PM
चर 08:04 PM – 09:35 PM
लाभ 09:35 PM – 11:05 PM
अमृत 11:05 PM – 12:36 AM
काल 12:36 AM – 02:07 AM
शुभ 02:07 AM – 03:38 AM
रोग 03:38 AM – 05:08 AM
उद्वेग 05:08 AM – 06:39 AM

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संवत् एवं कैलेंडर विवरण

संवत् एवं कैलेंडर विवरण
विक्रम संवत 2083
मास चैत्र
पक्ष कृष्ण
प्रविष्टे 27

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज 11 मार्च 2026 को जयपुर में कौन सी तिथि है?

आज जयपुर में तिथि कृष्ण अष्टमी है।

आज कौन सा नक्षत्र है?

आज ज्येष्ठा नक्षत्र है और योग वज्र है।

यह पंचांग कैसे बनाया जाता है?

यह पंचांग दृक् गणित और लाहिड़ी अयनांश पर आधारित है। गणना स्विस एफेमेरिस से की जाती है और IST में प्रस्तुत की जाती है।

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कौन गणना करता है

हिमालय के एक परंपरागत पुरोहित एवं ज्योतिष परिवार द्वारा।

हमारा पंचांग दृक् गणित से बनता है और शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों पर आधारित है। हम स्वयं अनुष्ठान कराते हैं और यही पंचांग अपने यजमानों के लिए उपयोग करते हैं।

हिमालयी ज्योतिष परंपरा शास्त्रीय स्रोत पारदर्शी भविष्यवाणी

अपडेट: 5 अगस्त 2026, 22:38 IST