होम पंचांग वाराणसी पंचांग — शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

दृक् गणित · लाहिड़ी अयनांश · IST · 25.3176, 82.9739

पंचांग के पाँच अंग
तिथि
शुक्ल तृतीया
नक्षत्र
मघा
योग
व्यतीपात
करण
गर
वार
शुक्रवार
सूर्योदय 05:17 AM
सूर्यास्त 06:50 PM

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त
सूर्योदय 05:17 AM
सूर्यास्त 06:50 PM
अशुभ काल
राहु काल 10:22 AM – 12:04 PM

चौघड़िया मुहूर्त

अमृत · शुभ · लाभ · चर शुभ माने जाते हैं। काल · रोग · उद्वेग से बचें।

दिन का चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
चर 05:17 AM – 06:59 AM
लाभ 06:59 AM – 08:40 AM
अमृत 08:40 AM – 10:22 AM
काल 10:22 AM – 12:04 PM
शुभ 12:04 PM – 01:45 PM
रोग 01:45 PM – 03:27 PM
उद्वेग 03:27 PM – 05:09 PM
चर 05:09 PM – 06:50 PM
रात का चौघड़िया
रात का चौघड़िया
रोग 06:50 PM – 08:09 PM
उद्वेग 08:09 PM – 09:27 PM
चर 09:27 PM – 10:45 PM
लाभ 10:45 PM – 12:04 AM
अमृत 12:04 AM – 01:22 AM
काल 01:22 AM – 02:41 AM
शुभ 02:41 AM – 03:59 AM
रोग 03:59 AM – 05:18 AM

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संवत् एवं कैलेंडर विवरण

संवत् एवं कैलेंडर विवरण
विक्रम संवत 2083
मास आषाढ
पक्ष शुक्ल
प्रविष्टे 2

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज 17 जुलाई 2026 को वाराणसी में कौन सी तिथि है?

आज वाराणसी में तिथि शुक्ल तृतीया है।

आज कौन सा नक्षत्र है?

आज मघा नक्षत्र है और योग व्यतीपात है।

यह पंचांग कैसे बनाया जाता है?

यह पंचांग दृक् गणित और लाहिड़ी अयनांश पर आधारित है। गणना स्विस एफेमेरिस से की जाती है और IST में प्रस्तुत की जाती है।

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कौन गणना करता है

हिमालय के एक परंपरागत पुरोहित एवं ज्योतिष परिवार द्वारा।

हमारा पंचांग दृक् गणित से बनता है और शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों पर आधारित है। हम स्वयं अनुष्ठान कराते हैं और यही पंचांग अपने यजमानों के लिए उपयोग करते हैं।

हिमालयी ज्योतिष परंपरा शास्त्रीय स्रोत पारदर्शी भविष्यवाणी

अपडेट: 5 अगस्त 2026, 22:38 IST