HRP Jyotish योग फलादेश
🕉 स्रोत / Source सत्यापित बृहत् पराशर होरा शास्त्र · अध्याय 36 · श्लोक 5–6
दशमेऽङ्गात्तथा चन्द्रात् केवलैश्च शुभैर्युते ।
स योगोऽमलकीर्त्याख्यः कीर्तिराचन्द्रतारकौ ॥५॥
राजपूज्यो महाभोगी दाता बन्धुजनप्रियः ।
परोपकारी धर्मात्मा गुणाढ्योऽमलकीर्तिजः ॥६॥
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योग कब बनता है

अमल योग तब बनता है जब कोई शुभ ग्रह आपके लग्न या चंद्र से दसवें भाव में स्थित हो, और उसी भाव में कोई पाप ग्रह न हो।

Amala Yoga forms when a benefic planet occupies the 10th house from your Ascendant or Moon, with no malefic sharing that house.

योग बनाते हैं
बृहस्पति शुक्र निर्दोष बुध वृद्धिगत चंद्र
योग नहीं बनाते
सूर्य मंगल शनि राहु केतु क्षीण चंद्र

कब कमज़ोर पड़ता है — the limitation

यही असली भरोसा है

  1. 1शुभ ग्रह नीच का या अस्त (सूर्य के निकट) हो
  2. 2उस भाव या ग्रह पर पाप ग्रह की दृष्टि हो — भाव साफ़ हो तब भी फल मंद
  3. 3दशमेश बलहीन हो (कम षड्बल, दुर्बल दिग्बल)
  4. 4योगकारक ग्रह की दशा/अंतर्दशा न चल रही हो — योग है, फल प्रतीक्षा में

“योग है — पर फल ग्रह बल, दृष्टि और दशा पर निर्भर करता है।”

शास्त्रीय फल

राजपूज्य, महाभोगी, दाता, बन्धुजन-प्रिय, परोपकारी, धर्मात्मा व गुणों से युक्त

honoured by rulers, enjoys comforts, charitable, dear to kin, helpful, righteous, and rich in virtues.

एक उदाहरण — योग है, फल प्रतीक्षा में

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दसवें भाव में शुभ ग्रह (हाइलाइट) — पर…

योग है, फल अभी नहीं — शुभ ग्रह अस्त · दशा 14 वर्ष दूर

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या Amala Yoga सबको नाम-शोहरत देता है?

नहीं — ग्रह का बल, दृष्टि और दशा तय करते हैं कि फल कब और कितना मिलेगा।

क्या चंद्र से भी गिनते हैं?

हाँ — लग्न या चंद्र, किसी भी दसवें भाव से बन सकता है।

गणना दृक् गणित से · व्याख्या शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों पर आधारित।

समीक्षित: अगस्त 2026