पहले 3 शर्तें देखिए — योग होना और फल मिलना, दोनों अलग बातें हैं।
योग कब बनता है
अमल योग तब बनता है जब कोई शुभ ग्रह आपके लग्न या चंद्र से दसवें भाव में स्थित हो, और उसी भाव में कोई पाप ग्रह न हो।
Amala Yoga forms when a benefic planet occupies the 10th house from your Ascendant or Moon, with no malefic sharing that house.
यही असली भरोसा है
“योग है — पर फल ग्रह बल, दृष्टि और दशा पर निर्भर करता है।”
शास्त्रीय फल
राजपूज्य, महाभोगी, दाता, बन्धुजन-प्रिय, परोपकारी, धर्मात्मा व गुणों से युक्त
honoured by rulers, enjoys comforts, charitable, dear to kin, helpful, righteous, and rich in virtues.
एक उदाहरण — योग है, फल प्रतीक्षा में
दसवें भाव में शुभ ग्रह (हाइलाइट) — पर…
योग है, फल अभी नहीं — शुभ ग्रह अस्त · दशा 14 वर्ष दूर
अपनी जन्म-कुंडली बनाइए और देखिए यह योग बनता है या नहीं, और किस बल के साथ।
मुफ़्त कुंडली खोलें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नहीं — ग्रह का बल, दृष्टि और दशा तय करते हैं कि फल कब और कितना मिलेगा।
हाँ — लग्न या चंद्र, किसी भी दसवें भाव से बन सकता है।
गणना दृक् गणित से · व्याख्या शास्त्रीय ग्रंथों के नियमों पर आधारित।
समीक्षित: अगस्त 2026